Thursday , July 18 2019
Breaking News
Home / States / ‘कर के दिखाया’ चारा घोटाला,खा लिया चारा। महाराष्ट्र में चारा घोटाला
image

‘कर के दिखाया’ चारा घोटाला,खा लिया चारा। महाराष्ट्र में चारा घोटाला

महाराष्ट्र बीड

चारा घोटाला यह नाम लेते ही लोगो के सामने लालूप्रसाद यादव की तस्वीर आती हैं। खैर इसमें पीछे की कहानी छोड़ दे तो अपने ही अधिकारियों द्वारा सरकार पर आरोप भी लगे।

अब बिहार में हुआ है तो महाराष्ट्र भला पीछे कैसा रहेगा। शिवसेना की भाषा में कहा जाए तो उन्होंने भी कर के दिखाया ‘चारा खाकर चारा घोटाला’। एक नामी पत्रकार संस्थान के अंडर कवर रिपोर्टर ने महाराष्ट्र में उन गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) का खुलासा किया है जिन्होंने किसानों के मवेशियों के लिए सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए चारे को अपने लाभ के लिए बेच दिया।

2019 मार्च की शुरुआत में महाराष्ट्र सरकार ने ऐसी सुविधाएं शुरू करने का ऐलान किया था, जहां किसान अपने मवेशियों की खुराक के लिए सहायता ले सकें। अधिकारियों के मुताबिक जून तक करीब 1,635 चारा कैंप बनाए गए थे, जिससे 11 लाख मवेशियों की मदद की जा सके। पशुधन सहायता 9 से 18 किलोग्राम प्रति मवेशी के हिसाब से 50 रुपये से 100 रुपये के बीच तय है। एक सुविधा केंद्र में अगर एक हजार मवेशियों को हैंडल किया जाए तो ये राशि एक लाख रुपए प्रतिदिन बैठती है।

इंडिया टुडे की जांच से खुलासा हुआ कि इन सुविधा कैंपों से जुड़े कई संस्थान बीजेपी और शिवसेना के नेताओं या उनके विश्वासपात्रों की ओर से मैनेज किए जाते हैं। ऐसे कुछ संस्थान छद्म नामों से भी चलाए जाते हैं। हैरानी की बात है कि ये संस्थान खुद को गैर मुनाफा सिद्धांत पर चलने वाले बताते हैं।

महाराष्ट्र के बहुत से जिले सूखे से पीड़ित है पर वहाँ की भाजपा-शिवसेना सरकार ने अभी तक भी उनकी सुध नहीं ली हैं। और उसी में किसानो को मवेशियों के लिए दिया जानेवाला चारा भी उसी के नेता और उनके करीबी खा रहे है।

अब सवाल यह है की मीडिया इसके बारे में नेताओं से सवाल पूछेगा या फिर से उन्ही की डफली बजाकर राग अलापेगा।

About admin

Check Also

लोकसभा 2019: उत्तर प्रदेश,श्यामली में दलित को नहीं डालने दिया वोट,EVM पर भी शंका और खराबी

उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनावों के वोटिंग शुरू हो चुकी है। जगह जगह उम्मीदवारों के चयन …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *