Tuesday , March 19 2019
Breaking News
Home / Country / निष्पक्ष चुनाव और VVPAT की गिनती के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे 21 राजनितिक दल

निष्पक्ष चुनाव और VVPAT की गिनती के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे 21 राजनितिक दल

ईवीएम को लेकर 21 विपक्षी दलों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने चुनाव आयोग को अदालत की सहायता के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की प्रतिनियुक्ति करने के लिए कहा है।

इससे पहले हुए घटनाक्रम में 21 विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर लोकसभा चुनाव में इस्तेमाल होने वाले ईवीएम और वीवीपीएटी में से 50 फीसदी का औचक निरीक्षण करने की मांग की थी। इन दलों का कहना है कि निष्पक्ष और डर रहित चुनाव के लिए ऐसा किया जाना जरूरी है।

विपक्षी दलों की यह थी मांग

आंध्र देश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल सहित 21 विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा दायर इस याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता नेताओं ने कहा था कि ईवीएम और वीवीपीएटी की विश्वसनीयता पर पहले ही सवाल है, लिहाजा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए कम से कम 50 फीसदी ईवीएम और वीवीपीएटी का औचक निरीक्षण होना चाहिए। 

याचिका में कहा गया था कि लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित करने से पहले यह औचक निरीक्षण होना चाहिए। याचिकाकर्ता नेताओं ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष चुनाव होना चाहिए और इसके लिए पुख्ता इंतजाम होना चाहिए।

याचिका दायर करने में ये नेता थे शामिल

याचिका दायर करने वालों में शरद पवार, केसी वेणुगोपाल, डेरेक ओब्रायन, शरद यादव, अखिलेश यादव, सतीश चंद्र मिश्रा, एमके स्टालिन, टीके रंगराजन, मनोज कुमार झा, फारुख अब्दुल्ला, एए रेड्डी, कुमार दानिश अली, अजीत सिंह, मोहम्मद बदरूद्दीन अजमल, जीतन राम मांझी, प्रो. अशोक कुमार मिश्र आदि शामिल हैं। 

मालूम हो कि गत जनवरी में तमिलनाडु निवासी एमजी देवाश्याम सहित दो अन्य लोगों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर लोकसभा चुनाव से ईवीएम के जरिए होने वाले मतदान के कम से कम 30 फीसदी वोटों का मिलान वोटर वेरिफाइएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) से करने की गुहार की गई थी। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव अयोग को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने केलिए कहा था।

About Navin Jugal

Check Also

Credit: Google

देश को युद्ध मे झोंककर सत्ता में बने रहना चाहते है नरेंद्र मोदी,नेपोलियन की तरह

देश को युद्ध में डालकर अपने समर्थन में भीड़ जुटाना एक पुरानी रची और मंझी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *